प्रदेश के पेंशनरों ने विभिन्न जिलों में निकाला अदभूत मौन जुलूस

कटोरी-चम्मच बजाकर पेंशनरों ने जताया आक्रोश

मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया

लखनऊ। आठवें वेतन आयोग की टर्म्स ऑफ रिफरेंस (THE UNFUNDED COST OF NON CONTRIBUTORY PENSION SCHEME) में पेंशनरों को सम्मिलित किये जाने सहित राशिकरण की कटौती 11 वर्ष, 18 महीने का डी0ए0 के भुगतान के साथ डिजिटल परिचय-पत्र, पेंशन संगठन के अध्यक्ष/महामंत्री का सचिवालय पास, चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का समय से निस्तारण, दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस व्यवस्था में सभी शिक्षकों को सम्मिलित किये जाने के साथ स्थानीय जिला प्रशासन की पेंशनरों के साथ उपेक्षापूर्ण रवैये के साथ पेंशन/पारिवारिक पेंशनरों के नॉमनी अंकित न होना, पेंशनर की मृत्यु की दशा में प्रपत्र-3 की मांग करना, स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त कार्मिकों के देयकों एवं पारिवारिक पेंशन न देना, पेंशन से जुड़ी समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण करने तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा सुविधा के सरलीकरण सहित प्रमुख मांगों को लेकर वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान उ0प्र0 के आवाहन पर प्रदेश के विभिनन जिलों के जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में प्रदेश के पेंशनरों ने वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान उ0प्र0 द्वारा मौन जुलूस निकाला गया। मौन जुलूस में पेंशनरों ने कटोरी-चम्मच बजाकर प्रदर्शन किया तथा केन्द्र सरकार व राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिलों में मौन जुलूस जिलाध्यक्ष द्वारा निकाला गया जिसमें पेेंशनरों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग कर मांगों को उठाया। सभी जिलों के पेंशनर संगठनों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, कोषाधिकारी तथा उच्च अधिकारियों को सौंपा तथा पेंशनरों की समस्याओं को पूर्ण करने का आवाहन किया। प्रदेश के महोबा, आगरा, हापुड़, बरेली, बलिया, गाजियाबाद, सिद्धार्थनगर, वाराणसी, मुजफ्फरनगर, बांदा, हमीरपुर, कानपुर, प्रयागराज, बदायूं, शाहजहांपुर, जौनपुर, चित्रकूट सहित प्रदेश विभिन्न जिलों ने प्रतिभाग किया।

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