पेंशनरों ने जताई जिलाधिकारी की अनुपस्थिति पर नाराज़गी
महोबा। जनपद के वरिष्ठ नागरिक पेंशन सेवा संस्थान द्वारा पेंशनर्स की जनपद स्तरीय समस्याओं के समाधान हेतु आयोजित बैठक अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) कुंवर पंकज की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में संस्थान के महामंत्री बी.के. तिवारी ने 17 सूत्रीय माँग-पत्र प्रस्तुत किया। प्रमुख रूप से उठाई गई माँगें निम्न रही- पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन के विवरण को अभिलेखों में सही ढंग से दर्ज कराना, वर्ष 2016 के पूर्व के पेंशन प्रकरणों का पुनरीक्षण कराना, पेंशन धारक की मृत्यु पर भाग-3 प्रपत्र की प्रक्रिया में अनावश्यक बाधा को रोकना, ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र प्रदर्शित न होने पर मोबाइल अलर्ट सुविधा उपलब्ध कराना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय पेंशन भवन की मरम्मत व फिजियोथैरेपी केंद्र हेतु उपकरण उपलब्ध कराना, चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का समयबद्ध निस्तारण, नगर पालिकाओं के पेंशनरों को नोशनल वेतन वृद्धि का लाभ, सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मियों के अवशेष दावों का त्वरित निस्तारण, जिला चिकित्सालय में पेंशनरों के लिए पृथक दवा वितरण काउंटर एवं आपात दवा/उपकरण की उपलब्धता, OPD समय में सभी चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराना, स्व. राम ओंकार सिंह की विधवा को पारिवारिक पेंशन दिलाना, नगर के मुख्य मार्गों पर प्रातःकाल भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक, जनहित/सामाजिक बैठकों की सूचना पेंशनर्स संगठनों को समय से उपलब्ध कराई जाए।
अपर जिलाधिकारी ने सभी सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा पारिवारिक पेंशन एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति के प्रकरणों में सोमवार को अभिलेख सहित तत्काल प्रस्तुत होने के निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी द्वारा बुलायी गयी बैठक में जिलाधिकारी की अनुपस्थिति पर पेंशनरों ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पेंशनर दिवस पर भी जिलाधिकारी पेंशनरों का दुःख-दर्द सुनने नहीं आतीं तो पेंशनर दिवस का पेंशनर बहिष्कार करने हेतु विवश होंगे।
बैठक में वरिष्ठ कोषाधिकारी देवकुमार यादव सहित विभागीय अधिकारियों के साथ वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान के पदाधिकारी शिवकुमार त्रिपाठी, ईश्वरी प्रसाद तिवारी, बसंतलाल गुप्ता, जगदीश कुमार, अरविन्द खरे, रामसजीवन गुप्ता, शहनाज परवीन, पुष्पा सक्सेना, सत्यभामा, गीता पाण्डेय, गंगाप्रसाद, संतोष सक्सेना आदि दो दर्जन पदाधिकारी उपस्थित रहे।