पेंशन कोई खैरात नहीं पेंशनरों का अधिकारी हैः अध्यक्ष
पेंशनरों की उपेक्षा की गयी तो 17 दिसम्बर को सौंपा जायेगा ज्ञापन
महोबा। आठवें वेतन आयोग की टर्म्स ऑफ रिफरेंस (THE UNFUNDED COST OF NON CONTRIBUTORY PENSION SCHEME) में पेंशनरों को सम्मिलित किये जाने सहित राशिकरण की कटौती 11 वर्ष, 18 महीने का डी0ए0 के भुगतान के साथ डिजिटल परिचय-पत्र, पेंशन संगठन के अध्यक्ष/महामंत्री का सचिवालय पास, चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का समय से निस्तारण, दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस व्यवस्था में सभी शिक्षकों को सम्मिलित किये जाने के साथ स्थानीय जिला प्रशासन की पेंशनरों के साथ उपेक्षापूर्ण रवैये के साथ पेंशन/पारिवारिक पेंशनरों के नॉमनी अंकित न होना, पेंशनर की मृत्यु की दशा में प्रपत्र-3 की मांग करना, सामाजिक सरोकार की बैठकों की सूचना पेंशनर प्रतिनिधियों को न देना, स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त कार्मिकों के देयकों एवं पारिवारिक पेंशन न देना आदि प्रमुख मांगों को लेकर वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान उ0प्र0 के आवाहन पर कचहरी से शहर के मुख्य मांर्गों से होकर सैकड़ों की संख्या में पेंशनरों ने खाली कटोरी चम्मच बजाकर मौन जुलूस निकालकर अभूतपूर्व प्रदर्शन कर आंदोलन का शंखनाद किया।
वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान उ0प्र0 के महामंत्री ने कहा कि जब देश के उपराष्ट्रपति सहित जनप्रतिनिधि चार-चार पेंशन समय-समय पर बढ़ायी जाती रहती है तो सरकारी सेवानिवृत्त कार्मिकों की पेंशन को आठवें वेतन आयोग की शर्तों से गायब किया जाना सरकार की पेंशन बंद करने की साजिश है। श्री तिवारी ने प्रशासन की पेंशनर प्रतिनिधियों के साथ संवादहीनता पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार व प्रशासन पेंशनरों की सहनशीलता की परीक्षा न लें। वहीं संस्थान के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि सेवानिवृत्त कार्मिकों के लिए पेंशन कोई खैरात नहीं है वह पेंशनरों द्वारा जीवन भर देश व प्रदेश की सेवा का प्रतिफल है यदि सरकार समय रहते ध्यान न दिया तो पेंशनर अपने वोट की शक्ति का इस्तेमाल करेगी। मौन जुलूस पेंशनर्स भवन कचहरी से होते हुए परमानंद तिराहा, बस स्टैण्ड, आल्हा चौक होकर तहसील प्रांगण में पहुंचकर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी शिव ध्यान पाण्डेय को सौंपा गया। इस अवसर पर शिवकुमार त्रिपाठी, अरविन्द खरे, रामशरण त्रिपाठी, ईश्वरी प्रसाद तिवारी, कालका प्रसाद गुप्ता, ओपी सिंह, अरुण खरे, इस्तियाक खां, जगदीश कुमार, महेन्द्र गुप्ता, बसंतलाल गुप्ता, बाबूलाल नायक पनवाड़ी, योगेश पाठक चरखारी, राकेश कुमार थापक, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष पुष्पा सक्सेना, इन्द्रमा, गीता पाण्डेय, सत्यभामा, शहनाज परवीन, कमलेश शर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे। पेंशनरों कोे जागरूक रहने एवं बुढ़ापे का सहारा पेंशन के हक लिए हर कुर्बानी के लिए तैयार रहने का आवाहन किया गया। वहीं 17 दिसम्बर को प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन प्रधानमंत्री को सौंपा जायेगा।




