बी सी सी आई ने खिलाड़ियों को दिखाया आईना
दिल्ली
बीसीसीआई की खिलाडिय़ों पर सख्ती; सीरीज के दौरान विज्ञापन नहीं, प्रैक्टिस सेशन में रहना जरूरी
ऑस्ट्रेलिया दौरे में 3-1 से टेस्ट सीरीज की हार और भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में मनमुटाव की खबरों के बाद बीसीसीआई ने गाइडलाइन जारी की हैं। इसमें टीम में अनुशासन और एकजुटता बनाने के लिए 10 नए नियम बनाए गए हैं। इनके मुताबिक, बोर्ड ने निजी स्टाफ और खिलाडिय़ों के परिवार की मौजूदगी पर पांबदी लगाने का ऐलान किया है। खिलाड़ी सीरीज या टूअर के दौरान निजी फोटोशूट नहीं कर सकेंगे। बोर्ड ने सभी खिलाडिय़ों को दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं, नियमों का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। अगर कोई खिलाड़ी इसमें से किसी भी निर्देश का पालन नहीं कर पाता है, तो उसे चयन समिति के अध्यक्ष और मुख्य कोच से परमिशन लेनी होगी। कोई प्लेयर नियम तोड़ता है, तो बोर्ड उसे टूर्नामेंट्स, सीरीज और यहां तक की आईपीएल में भी नहीं खेलने देगा। इसके अलावा बोर्ड खिलाडिय़ों की सैलरी और उनका कॉन्ट्रेक्ट भी खत्म कर सकता है।
बोर्ड के नियम
- फैमली के साथ ट्रैवल नहीं कर सकेंगे प्लेयर्स
पूरे टूअर के दौरान खिलाड़ी परिवार और पत्नियों के साथ सफर नहीं कर सकेंगे। खासतौर पर विदेशी दौरों पर यह नियम ज्यादा काम करेगा। 45 दिन से कम के टूअर के लिए परिवार और पत्नियां सात दिन साथ रह सकेंगी। यदि किसी प्लेयर को फैमिली के साथ या अलग से यात्रा करनी है, तो हैड कोच और सिलेक्शन कमेटी के चेयरमैन से अनुमति लेनी होगी। - घरेलू क्रिकेट खेलना ही होगा
भारतीय टीम के खिलाडिय़ों का डोमेस्टिक टूर्नामेंट में खेलना अनिवार्य कर दिया गया है। इतना ही नहीं, टीम के चयन में डोमेस्टिक टूर्नामेंट के प्रदर्शन को आधार माना जाएगा। यदि कोई खिलाड़ी किसी कारण से डोमेस्टिक क्रिकेट नहीं खेलता है, तो इसकी जानकारी बोर्ड को देनी होगी। - ज्यादा सामान ले जाने पर पाबंदी
टूअर में खिलाड़ी ज्यादा सामान नहीं ले जा सकेंगे। अगर खिलाड़ी के सामान का वजन ज्यादा है, तो इसके लिए खुद ही पैसे देने होंगे। बोर्ड ने वजन और सामान की भी गाइडलाइन्स जारी की हैं। - अलग से भेजना होगा सामान
सभी खिलाडिय़ों को सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बंगलुरु में ट्रेनिंग कैंप के दौरान सामान या व्यक्तिगत चीजें भेजने के लिए टीम मैनेजमेंट से संपर्क करना होगा। यदि अलग तरीके से कोई वस्तु भेजी जाती है, तब आने वाली एक्स्ट्रा लागत खिलाड़ी को उठानी होगी। - किसी दौरे या सीरीज में निजी स्टाफ नहीं होगा
किसी भी सीरीज या दौरे में खिलाड़ी का निजी स्टाफ (जैसे- पर्सनल मैनेजर, शेफ, असिस्टेंट्स और सिक्योरिटी) नहीं जाएगा। जब तक कि इसके लिए बोर्ड से अनुमति न मिल जाए। - प्रैक्टिस में रहना अनिवार्य
अब हर एक खिलाड़ी को प्रैक्टिस सेशन में मौजूद रहना ही होगा। कोई भी प्रैक्टिस सेशन को जल्दी छोडक़र नहीं जाएगा। सीरीज या टूर्नामेंट के दौरान एक वैन्यू से दूसरे वेन्यू पर टीम के साथ बस में ही जाना होगा। - विज्ञापन की इजाजत नहीं
किसी भी खिलाड़ी को सीरीज और टूअर में पर्सनल शूट की इजाजत नहीं होगी। इस दौरान खिलाड़ी विज्ञापन नहीं कर सकेगा। - विदेशी दौरे पर फैमिली को ज्यादा समय नहीं
विदेशी दौरे पर अगर कोई खिलाड़ी 45 दिनों तक रहता है, तो उनकी पत्नी और 18 साल से छोटी उम्र का बच्चा एक सीरीज में दो हफ्ते के लिए उनके साथ रह सकते हैं। इस दौरान बीसीसीआई ही उनके रहने का खर्च उठाएगी, लेकिन बाकी सारा खर्च खिलाड़ी को उठाना होगा। दूसरी ओर कोच और कप्तान के साथ बातचीत के बाद ही कोई भी (परिजन या अन्य कोई) एक फाइनल तारीख को खिलाड़ी के पास आ सकता है। - ऑफिशियल शूट-फंक्शन में हिस्सा लेना होगा
बीसीसीआई के ऑफिशियल शूट, प्रोमोशन और अन्य किसी तरह प्रोग्राम में हर खिलाड़ी को हिस्सा लेना होगा। - सीरीज खत्म होने पर घर जल्दी नहीं लौटेंगे
हर खिलाड़ी को दौरे के खत्म होने तक टीम के साथ रहना होगा। सीरीज जल्दी खत्म होने पर भी खिलाड़ी को टीम के साथ रहना होगा। हर एक प्लेयर टीम के साथ ही तय तारीख पर लौटेगा। इस दौरान कोई भी खिलाड़ी जल्दी घर नहीं जा पाएगा।