महोबा। यूजीसी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नवीन नियमों के विरोध में वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान उ0प्र0 के बैनर तले पेंशनरों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी महोबा गजल भारद्वाज को महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर पेंशनरों ने आरोप लगाया कि यूजीसी के हालिया नियम उच्च शिक्षा की स्वायत्तता, पारदर्शिता तथा सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत हैं। उनका कहना है कि इन नियमों से विश्वविद्यालयों की अकादमिक स्वतंत्रता प्रभावित होगी तथा सामान्य वर्ग सहित समाज के कमजोर वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान के महामंत्री बी0के0 तिवारी ने बताया कि संगठन द्वारा पूर्व में भी केंद्र सरकार एवं संबंधित मंत्रालय को ज्ञापन भेजे गए हैं, किंतु अब तक कोई सार्थक समाधान नहीं निकला है। इसी क्रम में आज राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करते हुए यह ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से यूजीसी के नए नियमों की समीक्षा, शिक्षाविदों व हितधारकों से पुनः परामर्श तथा जनहित में निर्णय लेने की मांग की गई है। इस दौरान बड़ी संख्या में पेंशनर उपस्थित रहे और उन्होंने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी। कार्यक्रम के अंत में संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। बैठक में सुनील शर्मा अध्यक्ष, ईश्वरी प्रसाद तिवारी, शिवकुमार त्रिपाठी, सुरेन्द्र श्रीवास्तव, लघुचन्द्र नारायण अरजरिया, प्रभुदयाल कुशवाहा, अरूण खरे, जगदीश सोनी, इन्द्रमा, गीता द्विवेदी, पुष्पा सक्सेना सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।
यूजीसी के विरोध में पेंशनरों जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा।