हापुड़। वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान, जिला-हापुड़ ने 07 अक्टूबर 2025 को हुए मिलन समारोह और चुनाव के बाद एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष श्री सुंदर कुमार आर्य की अगुवाई में पेंशनर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर नवंबर 2025 में देशव्यापी संपर्क अभियान और ’’मौन जुलूस’’ निकालने का संकल्प लिया है। वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान, हापुड़ की जिला शाखा का निर्वाचन मंगलवार को सर्वसम्मति से संपन्न हुआ, जिसमें श्री सुंदर कुमार आर्य को पुनः जिलाध्यक्ष चुना गया। इसी के साथ जिला उपाध्यक्ष, विशेष सलाहकार, अपर सचिव, संगठन मंत्री व जिला कोषाध्यक्ष को निवार्चन किया गया। जिला उपाध्यक्ष कटार सिंह गुर्जर, जिला महासचिव विजय पाल सिंह आर्य, विशेष सलाहकार डीसी शर्मा, अपर सचिव प्रताप सिंह, संगठन मंत्री संतोष कुमार अग्रवाल, जिला कोषाध्यक्ष महेन्द्र कुमार, जिला सम्प्रेक्षक जगनन्दन वर्मा व निशुल्क कानूनी सलाहकार डॉ. आशाराम शर्मा को निर्वाचित किया गया।
निर्वाचन के उपरांत उपस्थित सभी पेंशनर्स साथियों को संस्थान के प्रदेश नेतृत्व की आगामी रणनीति से अवगत कराया गया। इस दौरान यह स्पष्ट किया गया कि पेंशनरों की प्रमुख मांगों पर सरकार की उदासीनता को देखते हुए अब आंदोलन ही एकमात्र रास्ता है।
जिलाध्यक्ष सुंदर कुमार आर्य ने बताया कि संस्थान ने नवंबर माह में दो चरणों में बड़ा अभियान चलाने का निर्णय लिया है। जनसंपर्क अभियान 01 नवम्बर से ’’गांव-गांव, घर-घर पेंशनर्स संपर्क’’ अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही पेंशनर्स अपनी मांगों के समर्थन के लिए सांसदों और विधायकों से भी संपर्क कर उनका समर्थन प्राप्त करेंगे। मौन जुलूस 29 नवंबर को निकालाकर अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकार्षण कराया जायेगा।। पेंशनर्स महान पुरुष की प्रतिमा से शुरू होकर ’’खाली कटोरी बजा कर मौन जुलूस’’ निकालेंगे। खाली कटोरी पेंशनर्स की दयनीय आर्थिक स्थिति और सरकार से सहायता की गुहार का प्रतीक होगी। श्री आर्य ने कहा कि सभी उपस्थित पेंशनर्स साथियों ने अपने परिजनों, मित्रों, परिचितों और शुभचिंतकों के साथ एकजुट होकर इस आंदोलन में भरपूर सहभागिता का आश्वासन दिया है। संस्थान लंबे समय से केंद्र और राज्य सरकार से निम्नलिखित प्रमुख मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। पेंशनरों को सभी मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में निशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करना। सेवानिवृत्त कार्मिकों को काल्पनिक वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान करना। नई पेंशन प्रणाली को समाप्त कर पुरानी पेंशन प्रणाली को बहाल करना। रूपांतरित पेंशन की बहाली अवधि को 15 वर्ष के बजाय 12 वर्ष करना। इस मौके पर संगठन के समस्त पदाधिकारी मौजूद रहे।