वरिष्ठ पेंशनरों ने उठाई 14 सूत्रीय मांगें, प्रशासनिक उदासीनता पर जताया आक्रोश
1 नवंबर से गांव-गांव चलो जन जागरूकता अभियान शुरू करने का निर्णय
पेंशनरों को डिजिटल परिचय, पत्र चिकित्सा प्रतिपूर्ति में सरलता और राशिकरण हेतु 11 वर्ष निर्धारित करने की मांग
लखनऊ, 08 अक्टूबर। वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान उ0प्र0 (पंजीकृत) की प्रदेश स्तरीय गूगल मीट बैठक में प्रदेश के 62 जिलों के अध्यक्षों, मंत्रीगणों एवं मण्डलीय पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक की अध्यक्षता संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष सम्पूर्णानंद द्विवेदी एवं संचालन महामंत्री बी0के0 तिवारी द्वारा किया गया।
बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद 14 सूत्रीय महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किये गये, जिन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं सम्बन्धित विभागों को भेजने का निर्णय लिया गया।
बैठक में यह भावना व्यक्त की गयी कि पेंशनरों की समस्याओं के समाधान में प्रशासनिक उदासीनता एवं कार्य प्रणाली की जटिलता के कारण पेंशनर वर्ग निरंतर उपेक्षा का शिकार हो रहा है जिस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मांग की गयी कि पेंशनरों को डिजिटल परिचय-पत्र, वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान उ0प्र0 को पेंशन सलाहकार समिति में सम्मलित किये जाने, जीवत प्रमाण (लाइफ सर्टिफिकेट) के साथ पेंशन भेजने की सूचना एसएमएस के माध्यम से दिये जाने की व्यवस्था, चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के विलम्ब एवं आयकर की कटौती समाप्त की जाये। दीनदयाल उपाध्याय कैश हैल्थ कार्ड के अंतर्गत निजी चिकित्सालयों में उपचार की व्यवस्था बगैर किसी रोक-टोक के लागू की जाने के साथ-साथ राशिकरण की कटौती किये जाने हेतु 11 वर्ष निर्धारित की जाये। पारिवारिक पेंशन प्रारम्भ करने हेतु भाग-3 की कोषागारों द्वारा की जा रही मांग पर प्रतिबंध लगाया जाये, पीक एवं जूज की नीति को समाप्त कराया जाये।
उक्त मांगों पर ध्यान आकर्षण हेतु निर्णय लिया गया कि पेंशनर एक 01 नवम्बर से गांव-गांव चलो, घर-घर चलो जन जागरूकता अभियान प्रारम्भ करेंगे तथा चरणबद्ध आन्दोलन के माध्यम से अपनी मांगों को प्रभावी रूप से उठायेगा।
संस्थान के महामंत्री बी0के0 तिवारी ने बताया कि बैठक में पेंशनर प्रतिनिधियों ने पेंशनरों की पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि सेवाकाल में जिस कर्मठता से पेंशनरों ने प्रदेश के निर्माण किया आज उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जिसके फलस्वरूप द्वितीय चरण में सांसद, विधायकों से मांगों पर समर्थन पत्र प्राप्त करेंगे तथा तृतीय चरण में 29 नवम्बर को जिला मुख्यालयों पर मौन जुलूस के साथ खाली कटोरी पीटकर सरकार का ध्यान आकर्षण करेंगे।
बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश पाल सिंह, उपाध्यक्ष रवि शर्मा, बनारस, अध्यक्ष राजेश्वर पाण्डेय, प्रयागराज, हिन्दराज सिंह, कानपुर, एमजेडए नकवी, इटावा, कौशल चतुर्वेदी, बलिया, अवधेश कुमार पाण्डेय, रामसुख श्रीवास्तव, जौनपुर, संजय सिंह, गोरखपुर, सूर्यलता श्रीवास्तव जालौन, ज्ञानचन्द्र गुप्ता, लखनऊ, गोपालदत्त जोशी, अपर महामंत्री सुनील शर्मा, शाहजहांपुर, प्रेमपाल सिंह कौशम्बी, रत्नेश कुमार, सिद्धार्थनगर, उमाकांत मिश्रा, विजय वर्मा, संगठन मंत्री पदुमनाथ गुप्ता, महेाबा अध्यक्ष सुनील शर्मा, रवि शर्मा, राजेशगिरी, मुजफ्फरनगर, श्री अलवी, रामपुर शमीम अहमद सहित दो दर्जन से अधिक पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रशासनिक उपेक्षा पर आक्रोश व्यक्त किया।



