अतिरिक्त पेंशन, डिजिटल ID और विधवा बहुओं को आश्रित बनाने की मांग
1 नवंबर से जन जागरण, 29 को सामूहिक रैली निकालने पर जोर
महोबा। वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान उ0प्र0, महोबा की बैठक पंडित दीनदयाल पेंशनर भवन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिवकुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पेंशनरों से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी एवं विभागीय मुद्दों पर गहन चर्चा हुई और भविष्य की रणनीति तैयार की गई। सरकार के नए आदेश के बाद पेंशनरों से रिकवरी पर रोक लगाने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सामूहिक रिट याचिका दोबारा दायर करने का निर्णय लिया गया। यह उन पेंशनर साथियों के लिए होगा जिन्हें पूर्व में स्थगन आदेश प्राप्त हुआ था। विभागों में लंबित पड़े चिकित्सा प्रतिपूर्ति के प्रकरणों की विभागवार जानकारी एकत्र की गयी। यह तय किया गया कि इन मामलों को जल्द से जल्द निस्तारित कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। बैठक में कोषागार द्वारा जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए पेंशनरों से ऑनलाइन कोषागार में करने पर 100 का शुल्क लिया जा रहा है, जिसका कड़ा विरोध किया गया। वहीं सरकार 65, 70, और 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर क्रमशः 5, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन प्रदान करने सहित, कोविड काल में रोकी गई महंगाई राहत (डी.आर.) को अविलंब जारी किये जाने सहित पेंशनरों के डिजिटल पहचान पत्र जारी किये जाने, विधवा बहू को पेंशनर की पेंशन हेतु आश्रित में जोड़े जान,े कोषागार के साफ्टवेयर में संशोधन कर जीवत प्रमाण पत्र जमा करने की सूचना रजिस्टर्ड मोबाइन नं. पर दिये जाने के साथ फार्म 3 की मांग पर कडाई के साथ रोक लगाने की मांग के साथ चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का समयबद्ध भुगतान, राशिकरण अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष करना और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंकों व अस्पतालों में अलग से काउंटर की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख है। पेंशनरों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए संस्थान द्वारा 1 नवम्बर से जन जागरूकता अभियान चलाने तथा 29 नवम्बर को खाली कटोरी बजाकर पेंशनर सामहिक रैली निकालकर प्रदर्शन किये जाने की रूपरेखा तैया की गयी। उक्त जानकारी संस्थान के महामंत्री बी0के0 तिवारी ने हेतु हुए बताया कि पूरे प्रदेश में गांव-गांव, घर-घर पेंशनर जन जागरूकता अभियान चलायेंगें बैठक में जगदीश सोनी, गंगाप्रसाद, महेन्द्र कुमार गुप्ता, ईश्वरी प्रसाद तिवारी, अरविन्द खरे, जगदीश कुमार, रमाशंकर वर्मा, लल्लूराम श्रीवास, ओमप्रकाश त्रिपाठी, गोविन्ददास, बसंतलाल गुप्ता, सतभामा सोनी, पुष्पा सक्सेना, रामगोपाल शर्मा, लक्ष्मी प्रसाद तिवारी सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद थे।

