पेंशनरों का उत्पीड़न किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं, जरूरत पड़ी तो सड़क पर होगा संघर्ष : बी.के. तिवारी

सेवानिवृत्त शिक्षकों की बैठक में चिकित्सा सुविधाओं, जीवन प्रमाणपत्र एवं पेंशनरों की समस्याओं पर हुई चर्चा

महोबा । उत्तर प्रदेशीय सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक कल्याण समिति, जनपद महोबा के तत्वावधान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पेंशनर भवन में जनपदीय सेवानिवृत्त शिक्षकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं एवं उनके निराकरण पर विस्तार से चर्चा की गई । बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान, उत्तर प्रदेश के महामंत्री बी.के. तिवारी ने पेंशनरों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पेंशनरों का उत्पीड़न किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो पेंशनरों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने पेंशनरों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा जीवनभर अर्जित अनुभवों का लाभ समाज को देने की अपील की ।

संस्थान के जनपदीय अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कोषागार द्वारा जीवन प्रमाणपत्र के लिए अनावश्यक अभिलेख मांगे जाने तथा मृतक पेंशनरों के परिजनों से फार्म-3 की मांग किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव द्वारा जीवन प्रमाणपत्र ऑनलाइन स्वीकार किए जाने संबंधी निर्देशों का समुचित प्रचार-प्रसार न किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इन समस्याओं को शीघ्र जिलाधिकारी के संज्ञान में लाकर निराकरण कराया जाएगा । मंडल अध्यक्ष ओ.पी. सिंह ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति की जटिल प्रक्रिया से पेंशनरों को हो रही परेशानियों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री से सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षकों को भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ दिए जाने की मांग की ।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे शिवकुमार त्रिपाठी ने पेंशनरों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए संगठन की एकजुटता पर बल दिया। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों से संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने तथा निष्क्रिय साथियों को जागरूक कर संगठन से जोड़ने की अपील की । बैठक में पीतम प्रसाद शास्त्री, लक्ष्मी तिवारी (मंत्री), जगदीश सोनी, राजाराम राजपूत, उदयभान राजपूत (जैतपुर), सुरेन्द्र श्रीवास्तव तथा रामकृपाल नायक (कबरई) सहित अनेक सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपने विचार व्यक्त किए । बैठक में पेंशनरों के सम्मान, अधिकारों की रक्षा तथा लंबित समस्याओं के समाधान के लिए संगठित प्रयास करने पर जोर दिया गया । इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षकों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया ।

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