चिकित्सा प्रतिपूर्ति की नई व्यवस्था पर अलग बैठक होगी, पेंशनर संगठनों से पुनः होगा विचार-विमर्शजीवित प्रमाण-पत्र के साथ अनावश्यक अभिलेख मांगने पर जताई नाराजगी, कहा—SOP से पेंशनर परेशान नहीं होने चाहिए
लखनऊ। अपर मुख्य सचिव वित्त श्री दीपक कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित पारिजात सभागार में पेंशन सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न पेंशनर संगठनों ने पेंशनरों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। अपर मुख्य सचिव ने कई प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान, उत्तर प्रदेश की ओर से चिकित्सा विभाग द्वारा चिकित्सा प्रतिपूर्ति के संबंध में जारी नवीन शासनादेश एवं SOP से उत्पन्न व्यावहारिक कठिनाइयों को विस्तार से रखा गया। संगठन ने बताया कि 10 सितम्बर से पुराना पोर्टल बंद होने के कारण सैकड़ों पेंशनर अपने चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावे प्रस्तुत नहीं कर पा रहे हैं।बैठक में यह भी प्रमुखता से उठाया गया कि पारिवारिक आश्रितों के लिए आय की सीमा आज भी पोर्टल पर ₹3500+डीए प्रदर्शित हो रही है। संगठन ने कहा कि लगभग दस वर्षों में भी इसे ठीक नहीं किया गया और नवीन व्यवस्था में भी ₹9000+डीए के स्थान पर पुरानी सीमा ही बनी हुई है। पेंशनरों के लिए पोर्टल को सरल एवं सुविधाजनक बनाने के बजाय प्रक्रिया को अत्यधिक तकनीकी बनाए जाने से बुजुर्ग पेंशनरों, विशेषकर अधिक आयु वाले पेंशनरों को कठिनाई होने की बात भी रखी गई।संगठन ने मांग की कि व्यवस्था का सरलीकरण होने तक नई प्रक्रिया को स्थगित रखा जाए। इस पर अपर मुख्य सचिव वित्त ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ इस विषय पर अलग से बैठक करने तथा उसके बाद पेंशनर संगठनों के साथ पुनः विचार-विमर्श करने की बात कही। साथ ही चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को पुराना पोर्टल पुनः चालू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।बैठक में कोषागार निदेशालय द्वारा जारी SOP के बाद कुछ कोषागारों में जीवित प्रमाण-पत्र के साथ पेंशनरों से आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पैन कार्ड तथा नवीनतम फोटो आदि पुनः मांगे जाने का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर अपर मुख्य सचिव वित्त ने गंभीरता दिखाते हुए उपस्थित निदेशक कोषागार श्री विजय कुमार सिंह से जानकारी ली और स्पष्ट किया कि SOP विभाग की आंतरिक व्यवस्था है, इससे पेंशनरों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान के अध्यक्ष एवं महामंत्री को सचिवालय प्रवेश पास जारी किए जाने का विषय भी बैठक में रखा गया। इस पर अपर मुख्य सचिव ने एसएडी से वार्ता कर समस्या के समाधान का प्रयास करने का आश्वासन दिया।इसी क्रम में विधवा बहू को पारिवारिक पेंशन के लिए आश्रित घोषित किए जाने से संबंधित प्रकरण पर भी चर्चा हुई, जिस पर आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई के लिए श्री नीलरतन को निर्देशित किया गया।पेंशन सलाहकार समिति की बैठक की सूचना में कुछ पेंशनर संगठनों के नाम छूट जाने का मामला उठने पर अपर मुख्य सचिव वित्त ने विशेष सचिव वित्त को भविष्य में सभी संबंधित पेंशनर संगठनों को बैठक की सूचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में वित्त विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बरिष्ठ नागरिक पेशंनर सेवा सस्थान उ पृ के अध्यक्ष सम्पूणाँनद दुबे महामञी बी के तिवारी सहित विभिन्न पेंशनर संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने अपनी अपनी बात रखीवरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान, उत्तर प्रदेश ने उम्मीद व्यक्त की कि बैठक में दिए गए निर्देशों से चिकित्सा प्रतिपूर्ति, कोषागार SOP तथा अन्य लंबित समस्याओं के व्यावहारिक समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा।
