पेंशनरों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी समस्याओं पर शासन का बड़ा निर्णय, ऑनलाइन पोर्टल होगा सरल

पेंशनर संगठनों की सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य से वार्ता सफल, 30 नवंबर तक पोर्टल में महत्वपूर्ण सुधार तथा प्रत्येक जनपद में सहायता केन्द्र की व्यवस्था के निर्देश

लखनऊ, 23 अक्टूबर 2026 । प्रदेश के पेंशनरों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में आज महत्वपूर्ण सफलता मिली। सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश शासन, श्रीमती रितु माहेश्वरी की अध्यक्षता में एनेक्सी भवन में पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ पूर्व निर्धारित बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में सम्पन्न हुई । बैठक में वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सम्पूर्णानन्द द्विवेदी, महामंत्री बी.के. तिवारी, सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर्स कल्याण संघ के अध्यक्ष आर.के. भाटिया, पेंशनर कल्याण संस्था के महामंत्री ओंकार तिवारी, जे.पी.डब्ल्यू.सी. के संयोजक एन.पी. त्रिपाठी, सहसंयोजक क्षमानाथ द्विवेदी, ऑल इंडिया स्टेट पेंशनर फेडरेशन के संस्थापक शिवशंकर द्विवेदी तथा सेवानिवृत्त पीसीएस एसोसिएशन के अमृत साहू सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।

बैठक में महामंत्री बी.के. तिवारी ने चिकित्सा परिचर्या नियमावली में पारिवारिक पेंशन की निर्धारित सीमा ₹3,500 के स्थान पर वर्तमान ₹9,000 किए जाने तथा पति-पत्नी को आश्रित संबंधी अनावश्यक औपचारिकताओं से मुक्त करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया । सचिव महोदया ने ₹9,000 की सीमा संबंधी संशोधन का प्रस्ताव शीघ्र मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में लाने का आश्वासन दिया तथा पति/पत्नी को आश्रित से हटाने के निर्देश दिये गये ।

संस्थान के प्रदेशीय महामंत्री बी0के0 तिवारी ने बैठक से लौटने पर जानकारी देते हुये बताया कि पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावे पीपीओ नम्बर एवं कोषागार कोड के आधार पर स्वीकार किए जाएंगे । पुरानी तैनाती, कार्यालय एवं सेवा संबंधी अनावश्यक विवरण भरने से पेंशनरों को नहीं भरने होंगे एवं वित्त विभाग के पोर्टल से चिकित्सा प्रतिपूर्ति पोर्टल को जोड़कर पेंशनरों को सीधे दावा अपलोड करने की सुविधा दी जाएगी । इसके बाद कार्यालयाध्यक्ष के अग्रसारण पत्र की आवश्यकता नहीं रहेगी । इस व्यवस्था के लिए अधिकतम समय सीमा 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई । वहीं पोर्टल पर पत्नी को आश्रित के स्थान पर पेंशनर के साथ दर्ज करने की व्यवस्था होगी, जिससे आश्रित संबंधी शपथपत्र की आवश्यकता नहीं रहेगी तथा अन्य आश्रितों के लिए नोटरी शपथपत्र के स्थान पर पेंशनर का स्वप्रमाणित पत्र स्वीकार किया जाएगा । सचिव वित्त ने कहा कि चिकित्सा अधिकारियों द्वारा सभी अभिलेखों की अनावश्यक जाँच के स्थान पर केवल चिकित्सा संबंधी तकनीकी परीक्षण किया जाएगा । ₹50,000 से कम अथवा अधिक धनराशि के आधार पर परीक्षण संबंधी विभाजन भी समाप्त करने के निर्देश दिए गए तथा एक अस्पताल से दूसरे अथवा अनेक अस्पतालों में रेफर किए गए मरीजों के दावे पोर्टल स्वीकार करेगा। डिस्चार्ज प्रमाणपत्र से आवश्यक विवरण स्वतः अलग करने के लिए एआई आधारित तकनीकी व्यवस्था पोर्टल पर विकसित की जा रही है । पेंशनरों की सहायता हेतु जनसुविधा एवं लोकवाणी केन्द्रों पर मात्र ₹30 शुल्क में चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावा अपलोड करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी । संचालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा दिये जाने की व्यवस्था की जा रही है तथा नवंबर माह में जिलाधिकारियों के माध्यम से जनपदों के पेंशनर कक्षों एवं अन्य आवश्यक स्थानों पर कम्प्यूटर सहित ऑपरेटर उपलब्ध कराए जाएंगे । इसके लिए मुख्य सचिव स्तर से जिलाधिकारियों की ऑनलाइन बैठक आयोजित की जाएगी । साथ ही एक सप्ताह के भीतर सचिवालय, बापू भवन, जवाहर भवन, इन्दिरा भवन एवं सिग्नेचर बिल्डिंग में चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावे अपलोड कराने हेतु दो से तीन ऑपरेटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए ।

बैठक में पेंशनर प्रतिनिधियों द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर आ रही तकनीकी कठिनाइयों के स्क्रीनशॉट सहित लिखित प्रमाण तथा संस्थान की ओर से विस्तृत सुझाव पत्र प्रस्तुत किया गया। सचिव महोदया ने प्रत्येक बिन्दु पर गंभीरतापूर्वक चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए । पुरानी ऑफलाइन व्यवस्था जारी रखने की मांग पर सचिव महोदया ने स्पष्ट किया कि शासन पेंशनरों के हितों को सुरक्षित रखते हुए ऑनलाइन प्रक्रिया को इतना सरल एवं सुविधाजनक बनाना चाहता है कि किसी भी वृद्ध पेंशनर को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े । उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पेंशनरों की संतुष्टि तक प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी तथा अगली बैठक 13 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है । वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान के अध्यक्ष सम्पूर्णानन्द द्विवेदी एवं महामंत्री बी.के. तिवारी ने बैठक को अत्यंत सकारात्मक एवं पेंशनर हितों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए सचिव महोदया का आभार व्यक्त किया ।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों पेंशनरों, विशेषकर अति वरिष्ठ, अस्वस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनरों के लिए इन निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है । संगठन निर्धारित समयसीमा में निर्णयों के प्रभावी अनुपालन की निरंतर समीक्षा करेगा ।

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