पेंशनर भवन की खनिज न्यास निधि से मरम्मत और बैंक खातों को पेंशन खाते में परिवर्तित कराने की उठाई मांग
महोबा, 19 अगस्त । वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान, उत्तर प्रदेश की जनपद शाखा महोबा के तत्वावधान में बुधवार को “चेतना दिवस” मनाया गया। संस्थान के जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा के नेतृत्व में एक सैकड़ा से अधिक पेंशनरों ने अपनी लंबित समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी महोबा को संबोधित ज्ञापन प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी महोदया की अनुपस्थिति में पेंशनरों ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) सुखवीर सिंह को ज्ञापन सौंपकर प्रमुख समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने पेंशनरों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि प्रकरणों से जिलाधिकारी महोदया को अवगत कराकर उनके समाधान की कार्यवाही कराई जाएगी। इसके बाद पेंशनरों के प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) इन्द्रदेव सिंह से भेंट कर समस्याओं से संबंधित पत्र सौंपा तथा शीघ्र समाधान कराने का अनुरोध किया। उन्होंने पेंशनरों के बैंक खातों को नियमानुसार पेंशन खातों के रूप में परिवर्तित/वर्गीकृत कराने तथा बैंकों में पेंशनरों को अनुमन्य सुविधाओं का लाभ दिलाने के संबंध में जिलाधिकारी स्तर से आवश्यक निर्देश जारी कराने की बात कही। खनिज न्यास निधि से पेंशनर भवन की मरम्मत की मांग। ज्ञापन में पेंशनरों ने कहा कि कचहरी परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पेंशनर भवन को पेंशनरों ने अपने निजी संसाधनों से विकसित किया था। इसी भवन में वर्ष 2021 से जिला प्रशासन के सहयोग एवं सीएसआर के माध्यम से प्राप्त उपकरणों से निःशुल्क फिजियोथैरेपी चिकित्सा केन्द्र संचालित किया जा रहा है, जिसका लाभ वरिष्ठ नागरिकों एवं जरूरतमंद लोगों को मिल रहा है। भवन की छत एवं प्लास्टर क्षतिग्रस्त होने, विद्युत वायरिंग अत्यधिक पुरानी एवं जर्जर होने तथा टीन शेड टूटने के कारण पेंशनरों ने सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल मरम्मत की आवश्यकता बताई। साथ ही भवन में टाइल्स लगाने, रंगाई-पुताई तथा आवश्यक रिनोवेशन कराने की मांग की गई। पेंशनरों ने जिला खनिज फाउंडेशन न्यास नियमावली में वयोवृद्ध एवं निःशक्तजनों के कल्याण तथा स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख करते हुए जिला खनिज न्यास निधि से पेंशनर भवन एवं निःशुल्क फिजियोथैरेपी केन्द्र की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कराने की मांग की। पेंशनरों के सेविंग खातों को पेंशन खाते में बदलने की मांग। ज्ञापन की दूसरी प्रमुख मांग में कहा गया कि जनपद के अनेक पेंशनरों की पेंशन राष्ट्रीयकृत बैंकों के सामान्य बचत खातों में जमा हो रही है। पेंशनरों ने मांग की कि पात्र पेंशनरों के ऐसे खातों की बैंकवार पहचान कर उन्हें संबंधित बैंक के नियमानुसार पेंशन खाता/Pensioner Category में परिवर्तित अथवा वर्गीकृत करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही पेंशनरों को भारत सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक एवं संबंधित बैंकों के लागू नियमों के अंतर्गत अनुमन्य सुविधाओं की जानकारी एवं लाभ दिलाने, बैंक शाखाओं में वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनरों के लिए समुचित सहायता व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। पेंशनरों ने कहा कि जीवन का महत्वपूर्ण समय शासकीय सेवा में देने के बाद वरिष्ठ नागरिकों को अपनी सामान्य एवं न्यायोचित सुविधाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन और बैंक मिलकर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें जिससे वृद्ध एवं अशक्त पेंशनरों की समस्याओं का प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ समाधान हो।
चेतना दिवस में उपस्थित पेंशनरों ने एक स्वर से कहा
“पेंशनर बोझ नहीं, राष्ट्र की धरोहर हैं; उनका सम्मान और उनकी सुविधाओं की रक्षा प्रशासन एवं समाज की साझा जिम्मेदारी है।” चेतना दिवस पर पडित दीन दयाल उपाध्याय पेशंनर भवन आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुये सस्थान के महामञी बी के तिवारी ने कहा वरिष्ठ नागरिकांे की उपेक्षा से पेंशनरों में असंतोष है यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो पेंशनर बड़ा आन्दोलन करंेगे जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी उन्होनें पेंशनरों की वर्तमान परिस्थितियों मंे सावधान रहने और पेंशनरों को जागरुक करने का आवांहन किया इस अवसर पर कालका प्रसाद, गंगाप्रसाद, शिवकुमार त्रिपाठी, जगदीश सोनी, जगदीश कुमार, महरूनिशा, रहनुमा परवीन, महेश अहिरवार, रामसजीवन गुप्ता, अरविन्द खरे, रमाशंकर बाजपेई, रामगोपाल शर्मा, शहनाज परवीन, लघुचन्द्र नारायण अरजरिया, अवधेश खरे, रामदीन सोनी, हरीश गुप्ता, ओमप्रकाश त्रिपाठी, माया सोनी, भगवती देवी सहित बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।






