पेंशनरों के बढ़ते असंतोष के बीच पेंशनर भवन पहुँचा प्रशासन

अधिकारियों ने साझा की समस्याएं, भवन व फिजियोथैरेपी केन्द्र का किया स्थलीय निरीक्षण

पेंशनरों ने किया स्वागत, खनिज न्यास से मरम्मत की मांग, 19 अगस्त को चेतना दिवस की चेतावनी

महोबा। पेंशनरों की लंबित समस्याओं एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय पेंशनर भवन की वर्षों से लंबित मरम्मत को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच जिलाधिकारी श्रीमती गजल भारद्वाज के निर्देश पर गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों का दल पं. दीनदयाल उपाध्याय पेंशनर भवन पहुँचा। अधिकारियों ने पेंशनरों के साथ उनकी समस्याओं पर विस्तार से संवाद किया तथा भवन की आवश्यक मरम्मत के संबंध में स्थलीय निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे सूर्यकांत त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सुखबीर सिंह तथा वरिष्ठ कोषाधिकारी महोबा देव कुमार यादव ने पेंशनर भवन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने भवन में वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान द्वारा संचालित निःशुल्क फिजियोथैरेपी चिकित्सा केन्द्र का भी अवलोकन किया। डॉ. सुरेन्द्र राजपूत ने अधिकारियों को केन्द्र में उपलब्ध आधुनिक फिजियोथैरेपी मशीनों, उनके उपयोग तथा वरिष्ठ नागरिकों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच पाकर पेंशनरों ने भी अपने गिले-शिकवे दूर करते हुए उनका अंगवस्त्र एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया और जिलाधिकारी द्वारा पेंशनरों की समस्याओं के प्रति दिखाई गई संवेदनशीलता की सराहना की।
वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान उत्तर प्रदेश के महामंत्री बी.के. तिवारी ने अधिकारियों को अवगत कराया कि पं. दीनदयाल उपाध्याय पेंशनर भवन अब केवल पेंशनरों की बैठकों एवं संगठनात्मक गतिविधियों का केन्द्र नहीं रह गया है, बल्कि इसकी सामाजिक उपयोगिता लगातार बढ़ी है। यहां आधुनिक मशीनों से सुसज्जित निःशुल्क फिजियोथैरेपी चिकित्सा केन्द्र संचालित है, जिसका लाभ पेंशनरों, वरिष्ठ नागरिकों एवं जरूरतमंद लोगों को मिल रहा है। श्री तिवारी ने बताया कि वित्त विभाग के भवन को राजस्व विभाग को स्थानांतरित किए जाने के कारण उत्पन्न तकनीकी परिस्थितियों के चलते वित्त विभाग से मरम्मत हेतु बजट आवंटित नहीं हो पा रहा है, जिसके फलस्वरूप भवन की आवश्यक मरम्मत कई वर्षों से लंबित है। उन्होंने कहा कि भवन की सामाजिक एवं चिकित्सकीय उपयोगिता को देखते हुए खनिज न्यास नियमावली के प्रावधानों के अंतर्गत सदर विधायक द्वारा जिला खनिज न्यास की बैठक में भवन की मरम्मत कराए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया था। संस्थान की मांग है कि वरिष्ठ नागरिकों एवं वृद्धजनों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाले इस केन्द्र में आवश्यक संसाधनों की पूर्ति तथा भवन की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता पर कराया जाए। पेंशनर पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि खनिज विभाग द्वारा इस प्रकरण में सही तथ्यों एवं भवन की वास्तविक सामाजिक उपयोगिता को समुचित रूप से प्रस्तुत न किए जाने के कारण मरम्मत कार्य आगे नहीं बढ़ सका, जिससे पेंशनरों में रोष व्याप्त है।
संस्थान के महामंत्री बी.के. तिवारी ने स्पष्ट किया कि पेंशनर प्रशासन के साथ सकारात्मक संवाद एवं समस्या के समाधान के पक्षधर हैं, लेकिन यदि खनिज विभाग का पेंशनरों की इस न्यायोचित मांग के प्रति नकारात्मक रवैया जारी रहा तो 19 अगस्त को पेंशनर “चेतना दिवस” मनाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री से जिला खनिज न्यास नियमावली के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने तथा नियमों की अनदेखी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की जाएगी।
इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष सुनील शर्मा, उपाध्यक्ष शिवकुमार त्रिपाठी, संयुक्त मंत्री जगदीश कुमार, मंडल अध्यक्ष ओ.पी. सिंह, उपाध्यक्ष लघुचन्द्र नारायण अड़जरिया, रामसजीवन गुप्ता, अरुण खरे, अरविंद खरे, महिला मोर्चा अध्यक्ष पुष्पा सक्सेना, माया सोनी, सत्यभामा, सलीम, कानूनी सलाहकार महेश कुमार, लक्ष्मी त्रिपाठी, जगदीश सोनी, गंगा प्रसाद, रामगोपाल शर्मा सहित तीन दर्जन से अधिक पेंशनर उपस्थित रहे।

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