06 जनवरी से शुरू होगा ’’पेंशनर परिवार संकल्प अभियान’’, जनप्रतिनिधियों का रिपोर्ट कार्ड भी होगा जारी
महोबा। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष सुश्री साध्वी ज्योति निरंजन के महोबा आगमन पर वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में जनपद के सैकड़ों पेंशनरों ने उनका भव्य स्वागत किया। संस्थान के अध्यक्ष सुनील शर्मा एवं महामंत्री बी0के0 तिवारी के नेतृत्व में पेंशनरों ने पुष्प मालाएं एवं संस्थान का अंगवस्त्र पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारियों ने भारत सरकार द्वारा 25 मार्च 2025 को वित्त विधेयक के माध्यम से पेंशन नियमों में किए गए संशोधनों तथा वैलिडेशन एक्ट से देशभर के पेंशनरों के समक्ष उत्पन्न समस्याओं से आयोग की अध्यक्ष को विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने आग्रह किया कि पेंशनरों की इस पीड़ा को भारत सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा जाए, जिससे लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को राहत मिल सके। सुश्री साध्वी ज्योति निरंजन ने पेंशनरों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वह इस विषय को शासन स्तर पर उठाकर यथासंभव समाधान का प्रयास करेंगी। इससे पूर्व पंडित दीनदयाल उपाध्याय पेंशनर भवन में आयोजित बैठक में संगठन ने आगामी 6 जनवरी से ’’पेंशनर परिवार संकल्प अभियान’’ प्रारंभ करने का निर्णय लिया। अभियान के प्रथम चरण में महतवाना, भटियाना, मगरिया पुरा, इमलीपुरा तथा रायकोट क्षेत्रों में घर-घर जाकर पेंशनरों एवं उनके परिवारों से संकल्प-पत्र पर हस्ताक्षर कराए जाएंगे तथा उन्हें संगठन से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जनपद के जनप्रतिनिधियों का रिपोर्ट कार्ड जारी किया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनरों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनके कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि इससे आम जनता को अपने जनप्रतिनिधियों के कार्यों की वास्तविक जानकारी प्राप्त होगी और मतदाता भविष्य में गुण-दोष के आधार पर अधिक जागरूक निर्णय ले सकेंगे।
कार्यक्रम में शिवकुमार गोस्वामी, अरुण खरे, महेश प्रसाद, लघुचंद्र नारायण अरजरिया, जगदीश कुमार, बसंतलाल गुप्ता, देवेन्द्र सक्सेना, रामऔतार शर्मा, दुर्जन प्रसाद, कुंवर बहादुर चौरसिया, मिहीलाल, पुष्पा सक्सेना, महरून निशा, कमलेश शर्मा, सत्यभामा, संतोष सक्सेना, महेन्द्र गुप्ता, गंगाप्रसाद, राम सजीवन गुप्ता सहित लगभग एक सौ से अधिक पेंशनर उपस्थित रहे।


